न्यूज डेस्क 19जनवरी :
वर्ष 2020के ज्ञान पीठ पुरस्कार से सम्मानित एवं पूर्वोत्तर की जनता के बीच काव्य ऋषि के नाम से परिचित असमिया कविता जगत के हस्ताक्षर स्वरुप नीलमणि फूकन का आज देहावसान हो गया। इस खबर के मिलते ही उनके गुणमुग्ध लोगों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।आज पूर्वाह्न 11.55बजे उन्होंने गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अंतिम सांस ली। 1933सन की 10सितंबर को जन्मे नीलमणि फूकन कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। उनकी रचनाओं में प्रमुख -नृत्यरता पृथ्वी,आरु की निशब्द, गुलापी जामुर लग्न,सूर्य हेनु नामि आहे सहित अनेकों काव्यात्मक रचनाएं साहित्य प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय है। ज्ञान पीठ पुरस्कार सहित पद्मश्री पुरस्कार सहित उन्हें कई पुरस्कार प्राप्त हुए । आज भी उनकी कविताएं लोक मानस के हृदय में स्पंदित हो रही है।
आज उनके महाप्रयाण की खबर से बौद्धिक जगत काफी मर्माहत है।
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