न्यूज डेस्क -30जनवरी2023 : देश के 74वे गणतंत्र दिवस समारोह में नई दिल्ली में आयोजित मुख्य समारोह में प्रदर्शित असम की झांकी को लेकर असम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवव्रत सैकिया ने सवाल खड़े करते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
देवव्रत सैकिया ने आरोप लगाया है कि झांकी में असम के वीर सेनापति लाचित बरफूकन की प्रतिकात्मक झांकी में उनके पारंपरिक चित्रण को विकृत रुप में प्रदर्शित किया गया एवं उन्हें एक हिन्दुत्व विचार धारा से जुड़े योद्धा के रूप में दर्शाया गया जो ऐतिहासिक तथ्यों से हटकर है, जबकि असम पर हुए हमले के दौरान उन्होंने असम से जुड़े सभी धर्म एवं संप्रदाय से जुड़े लोगों को असमिया जाति के अस्तित्व की रक्षा के लिए आह्वान किया था , और सभी वर्ग से जुड़े लोगों ने उनके नेतृत्व में सराईघाट के युद्ध में कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया था। गणतंत्र दिवस समारोह की झांकी में वीर सेनापति लाचित बरफूकन को सराईघाट के युद्ध में नाव पर सवार होकर हाथ में असम के पारंपरिक हथियार के रूप में हेंगदांग लेकर अग्रिम पंक्ति में युद्ध का संचालन करते दिखाया गया था। श्री सैकिया ने कहा कि झांकी के पृष्ठ भाग में शक्ति पीठ कामाख्या तथा शिवसागर स्थित रंगघर तथा शिवदौल को दर्शाया गया।नेता प्रतिपक्ष के बयान के अनुसार सांस्कृतिक संचालकालय ने इस झांकी के लिए सितंबर 2022 में निविदा आमंत्रित की थी और मुंबई की एक फार्म को निर्माण कार्य का ठेका दिया गया था।इसकी डिजाइनिंग में सांस्कृतिक विभाग से जुड़े शीर्ष अधिकारियों को विशेष देख रेख का दायित्व सौंपा गया था। लाचित बरफूकन की प्रतिकात्मक झांकी में दिखाए गए पारंपरिक अस्त्र हेंगदांग को लेकर भी उनका कहना था कि इसकी बनावट भी पारंपरिक रूप से हटकर बनाई जाने को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई है।


