न्यूज डेस्क 4फरवरी2023 :असम सरकार द्वारा बाल विवाह के खिलाफ उठाए गए सख्त कार्रवाई पर राजनीतिक प्रतिक्रिया दिखने लगी है। इस संदर्भ में आज राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं नाजिरा के विधायक देवव्रत सैकिया ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनके अनुसार बाल विवाह अपने आप में एक सामाजिक विकृति है और इसे रोकने के लिए हमारे देश में पहले से ही कानूनी प्रावधान बने हुए हैं। देवव्रत सैकिया का कहना था कि विगत 7-8वर्षो में इतनी बड़ी संख्या में बाल विवाह का होना अपने आप में आश्चर्य जनक घटना है। उन्होंने इसके लिए वर्तमान भाजपा सरकार को ही एक प्रकार से कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर हजारों की संख्या में ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाने एवं गिरफ्तारी किए जाने के पूर्व समाज कल्याण एवं महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई जिनकी लापरवाही के कारण इतनी बड़ी संख्या में गैर कानूनी ढंग से बाल विवाह होते रहे। नेता प्रतिपक्ष ने इस विषय पर मानवीय पक्ष को नजरंदाज नहीं किए जाने का
भी अनुरोध किया। इस प्रकार के विवाह को गैर कानूनी घोषित किए जाने के वाबजूद भी इस बात को नजर अंदाज नहीं किया जाना चाहिए कि इन लोगों ने अपनी गृहस्थी बसाए जाने के साथ ही इनके बच्चों का भी भविष्य है । उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि भविष्य में इस प्रकार के अवैध विवाह किए जाने पर पूरी तरह से रोक लगाने की व्यवस्था करते हुए संबंधित विभाग की जवाबदेही सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया वहीं विवाहित जीवन जी रहे परिवारों पर किसी प्रकार की ज्यादती ना हो यह सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया है।


